झारखंड हाईकोर्ट की फटकार के बाद कार्रवाई की तैयारी:255 अवैध भवनों की सूची तैयार, निगम आज देगा अंतिम नोटिस, 24 घंटे में जवाब नहीं मिला तो 20 से तोड़े जाएंगे - News of States

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झारखंड हाईकोर्ट की फटकार के बाद कार्रवाई की तैयारी:255 अवैध भवनों की सूची तैयार, निगम आज देगा अंतिम नोटिस, 24 घंटे में जवाब नहीं मिला तो 20 से तोड़े जाएंगे

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झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डाॅ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने गुरुवार को जलाशयों के अतिक्रमण मामले पर सुनवाई करते हुए कड़ी नाराजगी जताई थी। अधिकारियों को फटकार लगाते हुए नदी-तालाब व नाले के आसपास से अतिक्रमण व अवैध निर्माण को तत्काल रोकने का निर्देश दिया था। खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा था कि जब अवैध निर्माण हटा नहीं सकते और रोक नहीं सकते, तो ऐसे अधिकारियों को कुर्सी पर बैठने का काेई हक नहीं है। काेर्ट की फटकार के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा है।

क्याेंकि, काेर्ट ने तीन सप्ताह में कार्रवाई कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर अवैध निर्माण से संबंधित निगम काेर्ट में दर्ज मामले की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हर हाल में अवैध निर्माण रोकने का निर्देश दिया। देर शाम तक निगम पदाधिकारियों ने बड़ा तालाब, हिनू नदी, कांके डैम और अपर बाजार क्षेत्र के कुल 255 भवन मालिकों की लिस्ट तैयार की, जिन्हें शनिवार को अंतिम नोटिस भेजा जाएगा।

24 घंटे में संबंधित भवन मालिक अपने भवन का नक्शा नहीं दिखाते हैं या अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखते हैं तो 20 जुलाई से अवैध रूप से बने भवनाें को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हाेगी। प्रशासन ने कांके डैम से अतिक्रमण हटाने की काेई कार्रवाई नहीं की है।

2011 में अतिक्रमण पर हुई थी कड़ी कार्रवाई, अब खानापूर्ति

  • 2011 में रांची में बिना नक्शा और नक्शा का उल्लंघन कर बने बहुमंजिली भवनाें की जांच सीबीआई को साैंप दिया। अभी तक जांच चल रही है। इस मामले में आरआरडीए के तीन अधिकारी जेल भी गए।
  • 2011 में ही काेर्ट की सख्ती के बाद तत्कालीन डीसी केके साेन के निर्देश पर इस्लाम नगर के 800 और नागाबाबा खटाल में अवैध रूप से बने 200 घराें को जमींदोज कर दिया गया। इसके बाद जितने भी अफसर आए वे सिर्फ दाे-चार भवनाें की बाउंड्री ताेड़कर बचते रहे।
  • 2014 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरमू नदी का सीमांकन किया गया। अब फिर अतिक्रमण हाे गया है।
  • 2015 में हाईकोर्ट ने कांके डैम के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। मात्र 22 झोपड़ी हटे।
  • 2020 में काेर्ट के आदेश पर बड़ा तालाब, हिनू नदी, कांके डैम और अपर बाजार क्षेत्र में 500 से अधिक भवन मालिकों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज कर छाेड़ दिया गया।
  • 2021 के मार्च में कांके डैम के कैचमेंट एरिया पर बने 88 भवन टूटे, लेकिन नयासराय में अभी भी अतिक्रमण है।

अभी भी नदी-तालाब व नाले पर अतिक्रमण जारी, जांच भी नहीं करता निगम-प्रशासन्र

1. बड़ा तालाब: सेवा सदन के सामने निगम की खाली जमीन पर 50 से अधिक दुकानें लगती है। छाेटा तालाब के किनारे भी कई लाेगाें ने घर बनाया और अब भी निर्माण चल रहा है।

2. हरमू नदी : हरमू नदी पर अब दोबारा अतिक्रमण हाेने लगा। जमीन दलाल नदी के पाथ-वे को रास्ता बताकर जमीन बेच रहे हैं। सरकारी जमीन पर निगम के ही कर्मचारी अतिक्रमण कर रहे हैं।

3. कांके डैम – कांके डैम के किनारे भी जमीन दलाल फिर हावी हाे गए हैं। दोबारा जमीन दिलाने का झांसा देकर जमीन बेच रहे हैं। सराेवर नगर, बढ़ई टाेला, कटहल गाेंदा, नया सराय सहित डैम के किनारे हाल में फिर प्लास्टिक-तिरपाल लगाकर खटाल-घर बनाए जा रहे हैं।

4. स्वर्णरेखा नदी : स्वर्णरेखा नदी का अस्तित्व भी समाप्त हाे रहा है। हटिया, टाेनकाे, डाेरंडा, घाघरा क्षेत्र में नदी की जमीन को पाटकर बेचा जा रहा है। कई बिल्डर अपार्टमेंट बनाने में लगे हैं।

5. रूक्का व धुर्वा डैम : रूक्का और धुर्वा डैम के आसपास भी डैम के कैचमेंट एरिया पर अतिक्रमण है। डैम के लिए जमीन देने वाले विस्थापित आज भी जमीन पर दावा करते हैं।

लोगों को बहुत समय मिला, अब कार्रवाई हाेगी
अवैध निर्माण करने वालाें के खिलाफ यूसी केस दर्ज किया गया है। नोटिस देकर पहले भी नक्शा जमा करने का निर्देश दिया गया, लेकिन काफी लाेगाें ने नक्शा जमा नहीं किया है। ऐसे लाेगाें को अब अंतिम नोटिस भेजा जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर मकान ताेड़े जाएंगे। मुकेश कुमार, नगर आयुक्त

Source : Dainik Bhaskar

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