टीका अनीति:स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार को लिखा- निजी अस्पतालों को सिर्फ 5 प्रतिशत वैक्सीन ही दें - News of States

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टीका अनीति:स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार को लिखा- निजी अस्पतालों को सिर्फ 5 प्रतिशत वैक्सीन ही दें

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निजी अस्पतालाें काे 25 प्रतिशत काेराेना टीका देने की नीति झारखंड काे भारी पड़ रही है। टीकाकरण की रफ्तार में यह बड़ा राेड़ा साबित हाे रहा है। क्याेंकि केंद्र सरकार निजी अस्पतालाें के लिए 25 प्रतिशत काेटा आवंटित कर देती है और अस्पताल टीके लेते ही नहीं।

नतीजा यह हाेता है कि बचे हुए टीके राज्य के काम नहीं आते। जुलाई में अब तक राज्य के निजी अस्पतालाें के लिए 8.28 लाख वैक्सीन का आवंटन हुआ है। लेकिन निजी अस्पतालाें ने सिर्फ 1.20 लाख यानी 15 प्रतिशत टीके ही खरीदे हैं।

यानी झारखंड के काेटे के 7.08 लाख टीके बेकार चले गए। अगर ये टीके राज्य काे मिल जाते ताे कम से कम एक सप्ताह तक टीकाकरण का महाअभियान चल सकता था। हाल ही में केंद्र सरकार ने एक रिपाेर्ट जारी की थी। जिसमें कहा था कि बिहार-बंगाल और ओडिशा समेत देशभर के निजी अस्पतालाें के लिए आवंटित करीब 2.75 कराेड़ टीके बचे हुए हैं।

इधर, राज्य सरकार के पास टीकाें की भारी कमी है। सरकार काे जाे टीके मिलते हैं, वह एक-दाे दिन में ही खत्म हाे जाते हैं। फिर वैक्सीनेशन के नाम पर महज खानापूर्ति करनी पड़ती है। राज्य काे इस महीने अब तक करीब 12.5 लाख टीके मिले हैं। अभी 19.5 लाख टीके मिलने हैं।

राज्य की मांग- 95% टीके सरकार काे मिले
राज्य के काेटे के टीके की बर्बादी काे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव काे एक बार फिर पत्र लिखा है। इसमें कहा है 16 जून काे निजी अस्पतालाें के साथ बैठक हुई थी। इसमें कुछ निजी अस्पतालाें ने ही टीके खरीदने में दिलचस्पी जताई थी।

वह भी काफी कम मात्रा में। इसलिए टीके की आवंटन नीति में सुधार करें। निजी अस्पतालाें काे सिर्फ पांच प्रतिशत और राज्य सरकार काे 95 प्रतिशत टीके दें। इससे पहले 28 जून काे भी उन्हाेंने केंद्र सरकार काे पत्र लिखा था।

निजी अस्पतालाें में इसलिए कम हाे रहा टीकाकरण

  • निजी अस्पतालाें में वैक्सीन की दर 750 से 1500 रुपए प्रति डाेज निर्धारित है।
  • राज्य की 76% आबादी गांवाें में रहती है। वहां निजी अस्पतालाें की पहुंच नहीं है।
  • राज्य की करीब 37 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे है, जाे पैसे देकर टीके लगवाने में असमर्थ हैं।
  • राज्य के 24 जिले में 13 ट्राइबल जिले हैं और 19 जिले उग्रवाद प्रभावित हैं।
  • इन जिलाें में आंगनबाड़ी सेविकाओं, एनजीओ और स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ही टीके लगाए जा सकते हैं।

एक वॉयल में 11 को लग रहे टीके
पहले एक वाॅयल में 10 लाेगाें काे टीके लगाए जाते थे। अब 11 लाेगाें काे टीके लगाए जा रहे। इससे वेस्टेज माइनस 1,21,101 यानी -1.48% पर पहुंच गया है।

  • 82,69,110 टीके अब तक मिले राज्य को
  • 83,16,107 लोगों का हुआ वैक्सिनेशन
  • 45,275 स्टाॅक में, अब बुधवार को आएगा

साेमवार काे राज्य में 26 हजार टीके ही लगे
साेमवार काे राज्य में 26,705 लाेगाें काे ही टीके लगाए गए। अब 45,275 टीके स्टाॅक में हैं। रांची में 10 केंद्राें पर 658 लाेगाें काे टीके लगाए गए। अब रांची के दाे केंद्राें में करीब 100 डाेज बचे हैं। रांची के टीकाकरण पदाधिकारी डाॅ. शशिभूषण खलखाे ने बताया कि जिन केंद्राें पर कुछ डाेज बचे हैं, मंगलवार काे वहीं टीके लगेंगे।

Source : Dainik Bhaskar

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