Breaking News

काबुल ब्लास्ट : ISIS-K का चीफ असलम फारूकी पाकिस्तानी; कबूल कर चुका है लश्कर से लिंक, तालिबानी हुकूमत में जेल से छूटा

0 0

काबुल एयरपोर्ट पर फिदायीन हमले की जड़ पाकिस्तान में ही है। 100 से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले इन धमाकों की जिम्मेदारी ISIS खुरासान यानी ISIS-K ने ली है। इस आतंकी संगठन का चीफ है मावलावी अब्दुल्ला उर्फ असलम फारूकी। फारूकी पाकिस्तानी नागरिक है और खुरासान का चीफ बनने का सफर उसने वहीं से शुरू किया। लश्कर और तहरीक जैसे प्रतिबंधित संगठनों से भी जुड़ा। ये बात उसने तब कबूल की थी, जब अफगानी एजेंसियों ने उसे अरेस्ट किया। यानी काबुल एयरपोर्ट ब्लास्ट की जड़ पाकिस्तान में ही है, जानिए कैसे..

ISIS-K ने हमले के बाद फिदायीन की तस्वीर जारी की
हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी काबुल एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम दो फिदायीन हमले हुए। इसके बाद ISIS-K ने अपने एक फिदायीन हमलावर का नाम और फोटो जारी किया। इसका नाम अब्दुल रहमान अल लागोरी था। तालिबान ने कहा कि इसी लड़ाके ने एयरपोर्ट में सुरक्षा बलों को चकमा दिया और भीतर दाखिल हुआ।

निशाने पर थे US सैनिक और सहयोगी
तालिबान ने कहा कि हमले में हमने अमेरिकी सैनिकों और उनके अफगान सहयोगियों को निशाना बनाया। वो लोग भी निशाने पर थे जिनकी पहचान हमने जासूस के तौर पर की थी। हमारे निशाने पर तालिबान नहीं था।

काबुल में गुरुद्वारे पर हमले के पीछे भी ISIS-K चीफ
27 मार्च 2020 को काबुल गुरुद्वारे पर भी ब्लास्ट किया गया था। इस हमले में 26 अफगान सिख और एक भारतीय सिख की मौत हुई थी। इसके बाद 4 अप्रैल 2020 को अफगान नेशनल सिक्योरिटी डायरेक्टरेट (NDS) ने नांगरहार प्रांत से फारूकी को गिरफ्तार किया था। अफगानी एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले में फारूकी का ही हाथ था।

जलालाबाद और रावलपिंडी लिंक कबूला
फारूकी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह पहले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा था, जो हक्कानी नेटवर्क के साथ काबुल और जलालाबाद से ऑपरेट करता है। वो ISIS-K में आने से पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़ा। इसके बाद मावलावी जिया-उल-हक उर्फ अबू ओमर खोरासानी के बाद ISIS-K का चीफ बना।

फारूकी पाकिस्तान के खैबरपख्तूनख्वा प्रांत के ओराकजई जिले का रहने वाला है। वो मोमाजई कबीले से ताल्लुक रखता है। अफगानिस्तानी एजेंसियों ने उसे 4 पाकिस्तानी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था। फारूकी ने एजेंसियों को बताया था कि ISIS-K की जड़ें पाकिस्तान के रावलपिंडी में ही हैं। इसके बाद उसे बगराम जेल भेज दिया गया था, लेकिन अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत होने के बाद दूसरे कैदियों की तरह फारूकी को भी रिहा कर दिया गया था।

पाकिस्तान चाहता था फारूकी उसे हैंडओवर किया जाए
फारूकी के बारे में दिलचस्प बात ये है कि जब भारत ने उससे पूछताछ की अपील की थी तो उसे ठुकरा दिया गया था, लेकिन पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अफगानी राजनयिक को बुलाकर फारूकी को हैंडओवर करने की मांग की थी। माना जा रहा है कि पाकिस्तान को इस बात का डर था कि फारूकी अफगान और दूसरी एजेंसियों की पूछताछ में पाकिस्तान से अपने लिंक के बारे में सबकुछ उगल देगा।

हालांकि, उससे इस बारे में कभी पूछताछ नहीं की गई। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की भी डिमांड को खारिज कर दिया और कहा कि फारूकी पर अफगानी कानून के हिसाब से ही कार्रवाई की जाएगी।

Source : Dainik Bhaskar

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

%d bloggers like this: